नई दिल्ली, जुलाई 5 -- राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने शनिवार को कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा मामले में सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक जांच रिपोर्ट की कोई संवैधानिक प्रासंगिकता नहीं है, क्योंकि जांच केवल न्यायाधीश जांच अधिनियम के तहत ही हो सकती है। सिब्बल ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरकार पर न्यायमूर्ति शेखर यादव को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने पिछले साल विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक कार्यक्रम में 'सांप्रदायिक टिप्पणी' करने के लिए जज यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस पर उनके हस्ताक्षर के कथित सत्यापन के लिए उनसे संपर्क करने के राज्यसभा सचिवालय के कदम पर सवाल उठाया। वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने कहा कि केवल संसद के पास ही ऐसी समिति गठित करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि संसद कानून बना सकती है, उस कानून के त...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.