नई दिल्ली, जुलाई 19 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता जॉन ब्रिटास ने शनिवार को कहा कि जस्टिस वर्मा के साथ-साथ जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ भी महाभियोग के नोटिस पर भी विचार किया जाना चाहिए। ब्रिटास ने कहा कि हमारा मानना है कि न्यायपालिका की अखंडता और पारदर्शिता बनाए रखने की जरूरत है। हम न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के पक्ष में हैं। हमने पहले ही महाभियोग प्रक्रिया का हिस्सा बनने की इच्छा व्यक्त कर दी है। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति यादव के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग वाला नोटिस भी राज्यसभा के सभापति के पास लंबित है। उन्होंने कहा कि जस्टिस यादव के बयान भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध थे। इसलिए, मुझे लगता है कि सरकार इन दोनों मामलों को एक साथ उठाएगी।
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