मुरादाबाद, फरवरी 18 -- क्षेत्र के गांव हाथीपुर चित्तू स्थित मदरसा जामिया गोसुल उलूम में तामील- ए- क़ुरान कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें उलेमा इकराम ने दस्तारबंदी कार्यक्रम में पांच तालवा के सिर पर दस्तार बांधकर जश्न मनाया और अपने नूरानी खिताब में इल्म हासिल करने पर जोर दिया। ज़लसे में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने की अपील की गई। सोमवार को देर रात हाथीपुर चित्तू की सरजमीं पर मदरसा जामिया गोसुल उलूम में तालीम ए क़ुरान कॉन्फ्रेंस की शुरुआत तिलावत ए कलामे पाक से की गई। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हजरत सय्यद रेहान मिया ऒर मुफ़्ती शादाब मुरादाबादी ने ज़लसे को खिताब करते हुए उन्होंने कहा कि इल्म को आसान शब्दों में बताया कि इल्म वह रोशनी है जो दिल को जगमगा दे,जो दिल को नहीं जगमगाये वह खाली डिग्री है, उससे कोई भी फायदा नहीं है, दिल अच्छा है तो ...
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