रांची, फरवरी 7 -- रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'जलवायु परिवर्तन और जल सुरक्षा: विकासशील देशों के लिए रणनीतियां और एआई समाधान' का शनिवार को समापन हुआ। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से उपजे जल संकट की चुनौतियों से निपटने हेतु अत्याधुनिक तकनीकी समाधान तलाशना था। मुख्य वक्ता एनआईटी राउरकेला के प्रो. खाटुआ ने जलवायु सहनशीलता और सतत जल प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने वैज्ञानिक योजना और डेटा-आधारित निर्णयों को जल संकट से निपटने में निर्णायक बताया। ट्रिपल आईटी रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने चेताया कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान की सच्चाई है। उन्होंने हिमनदों के पिघलने और अनियमित वर्षा का उल्लेख करते हुए जल प्रबंधन ...