प्रयागराज, अगस्त 10 -- गंगा और यमुना में जलस्तर कम होने की रफ्तार शनिवार को धीमी रही। रफ्तार के कम होने से अफसरों की परेशानी बढ़ गई। रफ्तार धीमे होने के दो ही अर्थ माने जा रहे हैं कि पीछे से छोड़ा पानी आने लगा अथवा पानी आगे नहीं निकल पा रहा है। फिलहाल आने वाले पानी और बारिश पर ही अफसरों की नजर है। उनका कहना है कि अगर बारिश हो गई तो निश्चित मुसीबत बढ़ सकती है। नहीं तो राहत होना तय है। शनिवार को जलस्तर कम होने के बाद केवल दो ही शिविर सक्रिय रह गए, जिसमें 35 परिवारों के 200 लोग ही बचे थे। दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट का क्रम शनिवार को भी जारी रहा। 81 मीटर के करीब जलस्तर आने के बाद कई मोहल्ले अब खाली हो चुके हैं। 19 राहत शिविरों से लोग घर लौट गए। केवल एनी बेसेंट और ऋषिकुल शिविर में 200 लोग ही बचे हैं। बीते 24 घंटे में नैनी में यमुना के ज...
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