नई दिल्ली, अक्टूबर 10 -- केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत के पास दृष्टिकोण है और यह पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का संयोजन है। उन्होंने कहा कि यह प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठा कर रहने की देश की गहरी सांस्कृतिक भावना को दर्शाता है। अबू धाबी में अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) के विश्व संरक्षण सम्मेलन में आईयूसीएन के अध्यक्ष रजान खलीफा अल मुबारक के साथ एक उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन में सिंह ने कहा कि टिकाऊ जीवन जैसा आधुनिक शब्द वैज्ञानिक विमर्श में आने से पहले से ही भारत की परंपराओं ने ऐसी अवधारणा को बढ़ावा दिया है। भारत ने ज्ञान के आधार पर चीजें बढ़ायी उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान अब टिकाऊ/निरंतरता और जलवायु परिवर्तन जैसे शब्दों का प्रयोग करता है,...
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