दरभंगा, जनवरी 31 -- प्राचीन काल में दरभंगा जलमार्ग से घिरा क्षेत्र रहा है। इसी वजह से राजे-महाराजाओं ने दरभंगा को राजधानी का दर्जा दिया। शहरी क्षेत्र की पुरानी बागमती नदी के किनारे बने घाटों से व्यापार होने की कहानी आज भी बुजुर्ग सुनाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अजीत कुमार मिश्र, नारायण जी चौधरी व तासिम नबाब बताते हैं कि दरभंगा में बाढ़ आफत नहीं, खुशहाली लेकर आती थी। एक से दो दिन में शहर से पानी गायब होने के साथ नाले तक मछलियों से भर जाते थे। उन्होंने बताया कि शहर को कमला व बागमती नदी की बाढ़ से बचाने के लिए दरभंगा महाराजाओं ने पोखरों और मन झीलों का उपयोग कर जलमार्ग का जाल बिछा दिया। तीनों मुख्य पोखरों के साथ सैकड़ों पोखर और आठ वेटलैंड एक-दूसरे से जुड़े थे। कमला के उफनने पर 20 से 40 फीट चौड़े जलमार्ग के जरिए पानी पुरानी बागमती में बह जाता था। जल...