अलीगढ़, अक्टूबर 10 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। कचरा से कंचन का अभियान भले प्रदेश सरकार चला रही हो। पर इसे सार्थक एएमयू की प्रोफेसर और शोधार्थियों ने कर दिखाया है। नदी और झीलों में उगने वाली सैकड़ों टन जलकुंभी कचरा नहीं बनेगी। बल्कि लाखों रुपये का रोजगार देगी। शेखा झील में हर साल सैकड़ों टन जलकुंभी को सड़ने के लिए छोड़ दी जाती है। जबकि इस जलकुंभी से लाखों रुपये का उत्पाद तैयार किया जा सकता है। इसी को सार्थक बनाने के लिए एएमयू प्रोफेसर और शोधार्थियों द्वारा नई पहल की गई है। इस जलकुंभी से पारंपरिक नहीं बल्कि आधुनिक टोपी, टोकरी और घर के सजावट की सामग्री तैयार की जा सकती है। इसी को लेकर एएमयू प्रोफेसर और शोधार्थियों ने वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट के साथ मिलकर स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर को प्लान किया है। एएमयू वाइल्...
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