संतकबीरनगर, अगस्त 25 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल ब्लाक के हरपुर गांव की हालत देखी जाए तो साफ हो जाता है कि यहां विकास सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है। यहां की टूटी-फूटी सड़कें, उखड़ी इंटरलाकिंग ईंटें, गंदगी से पटी गलियां, बजबजाती नालियों और खराब हैंडपंपों को देख कर लगता है कि विकास का पहिया यहां थम गया है। गांव में मिनी सचिवालय का निर्माण हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों को यहां सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। गांव में बने प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र व अन्य महत्वपूर्ण स्थान तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को जर्जर सड़क का सहारा लेना पड़ता है। हरपुर गांव में घुसते ही बदहाली की तस्वीर साफ नजर आने लगती है। गांव में जैसे ही मुख्य सड़क से प्रवेश करते हैं तो टूटी सड़कों और कीचड़ से भरे गड्ढों की कतार स्वागत करती है। इंटरलाकि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.