लातेहार, फरवरी 15 -- लातेहार संवाददाता। सरकारी विद्यालयों में शौचालय निर्माण तो कराया गया है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर उनकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। कई शौचालयों में दरवाजे टूटे हैं, पानी की व्यवस्था नहीं है, तो कहीं साफ-सफाई का घोर अभाव है। ऐसी स्थिति में छात्र-छात्राएं शौचालय का उपयोग करने के बजाय खुले में जाने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर पड़ रहा है। खासकर किशोरी छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण वे कई दिनों तक स्कूल नहीं आ पातीं। अभिभावकों का कहना है कि शौचालय की बदहाल व्यवस्था के कारण बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटक रहा है और कई बच्चे शौच के बहाने घर लौट जाते हैं तथा दोबारा विद्यालय नहीं आते। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय...