पाकुड़, नवम्बर 4 -- पाकुड़िया। प्रखंड क्षेत्र के रामपुर गांव का वर्षों पुराना आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह से जर्जर हो गया है। यह भवन कभी भी गिरकर ध्वस्त हो सकता है। केंद्र की सेविका बच्चों को केंद्र के अंदर पढ़ाने से डर रही है। सेविका सरोजनी सोरेन और सहायिका सजनी मुर्मू केंद्र पहुंचकर बच्चों को हमेशा देखते रहते हैं ताकि जर्जर पड़े केंद्र के अंदर बच्चा ना जाय। नौनिहाल इतने डरे हुए है कि केंद्र के अंदर जाने से भी डर रहे है। सेविका सहायिका भी केंद्र के अंदर नहीं जाती है। बल्कि बाहर रहकर ही बच्चों को पढ़ाने से लेकर पोषाहार खिलाने का कार्य करती है। ग्रामवासियों के मुताबिक इस आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण बिहार सरकार के दरमियान 1997 में हुआ था। भवन का चारों ओर जर्जर हो चूका है। छत में बड़ी-बड़ी दरारे आ चुकी है। इसे लेकर सेविका बरसात में किराए के मका...
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