भागलपुर, फरवरी 9 -- बलराम मिश्र भागलपुर। यदि आपके किचन गार्डन या छोटे खेतों में ऐसे फल या सब्जी जो प्रसंस्करण के योग्य हैं और वह खाने में उपयोग से ज्यादा उपज गए हैं तो वह बर्बाद न हो, इसके लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) ने नई पहल सामुदायिक प्रसंस्करण केंद्र (सीपीसी) की शुरुआत की है। इसके तहत बीएयू लोगों को अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीन और तकनीक उपलब्ध कराएगा। यह व्यवस्था न लाभ न हानि मोड में काम करेगी। इसके लिए बीएयू उत्पाद तैयार करने में सामग्री सहित कम से कम लगने वाला शुल्क लेगा, ताकि कोई भी इस सुविधा का फायदा उठा सके। बचत की फल-सब्जियों से जूस, पाउडर, जेली, सॉस तैयार होंगे। इस पहल की शुरुआत बीएयू के कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह के निर्देश पर की जा रही है। इसकी जिम्मेवारी कुलपति ने फूड साइंस एंड पोस्टहार्वेस्ट टेक्नोलॉजी को दी है। वर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.