बोकारो, जनवरी 9 -- जैनामोड़, प्रतिनिधि। जरीडीह प्रखंड के विभिन्न आदिवासी गांवों में संताल समाज का सबसे बड़ा पर्व सोहराय धूमधाम से शुक्रवार को मनाया गया। जगह-जगह सोहराय महोत्सव का आयोजन किया गया। जहां परंपरागत परिधानों में सज्जी महिलाएं, युवतियों ने मांदर की थाप पर नाच-गान की। यह दौर देर रात तक चलता रहा। चास प्रखंड क्षेत्र मानगो में आयोजित सोहराय महोत्सव में झामुमो के वरीय नेता बीरबल किस्कू ने कहा कि यह पर्व प्रकृति प्रेम, भाईचारा एवं सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। जब खेतों से धान की उपज घर लाते हैं तब समाज के लोग पशु व प्राकृति की पूजा करते हैं। अन्न का पहला भाग इष्टदेव को चढ़ाने के बाद ही उसका सेवन करते हैं व और खुशियां मनाते हैं। खेती में प्रयुक्त बैल और घर के अन्य मवेशियों की पारंपरिक रूप से पूजा करते है। सोहराय में विवाहित बेटियां अपने ...