कोडरमा, सितम्बर 25 -- जयनगर, निज प्रतिनिधि। जयनगर में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का खास महत्व है। लगभग 100 वर्ष पूर्व पेठियाबागी निवासी गोपाल स्वर्णकार ने चैती नवरात्र की शुरुआत की। उस समय यह पूजा एक छोटे मिट्टी के खपरैल मंडप में आयोजित होती थी। कहा जाता है कि स्वर्णकार परिवार में वंशवृद्धि रुक गई थी, जिसके बाद उन्हें सुझाव मिला कि चैती काली नवरात्र का आयोजन करें। श्रद्धापूर्वक पूजा करने के बाद परिवार में खुशहाली आई और तभी से यह परंपरा निरंतर जारी है। इसी दौर में जयनगर आए एक बंगाली परिवार ने आश्विन दुर्गा पूजा की परंपरा शुरू की। आज यह पूजा भव्य रूप से आयोजित होती है, जिसमें करीब 10,000 श्रद्धालु दूर-दूर से शामिल होते हैं। पूजा प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र भाई मोदी ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि साम...
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