कोडरमा, फरवरी 23 -- जयनगर, निज प्रतिनिधि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने के बड़े-बड़े दावे भले ही किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति इन दिनों बदहाल बनी हुई है। यहां न तो पर्याप्त डॉक्टर हैं और न ही आवश्यक संसाधन। अव्यवस्था, लापरवाही और सुविधाओं की कमी के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र, जो ग्रामीण और गरीब तबके के लिए उम्मीद का सहारा होता है, वही आज स्वयं गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। प्रतिदिन लगभग 150 से 200 मरीज इलाज और विभिन्न प्रकार की जांच के लिए इस केंद्र पर पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीज शामिल होते हैं। लेकिन डॉक्टरों की भारी कमी और दवाओं के अभाव के कारण मरीजों को घंट...