कोडरमा, फरवरी 11 -- जयनगर, निज प्रतिनिधि। लोहाडांडा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि भवन निर्माण शुरू होने और ढलाई तक का काम पूरा होने के बावजूद निर्माण कार्य अचानक बंद हो गया और आज तक दोबारा शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों के अनुसार, पहले गांव में आंगनबाड़ी के लिए सरकारी भवन उपलब्ध नहीं था, इसलिए केंद्र का संचालन सेविका के निजी मकान से किया जा रहा था। बाद में सरकारी जमीन चिह्नित की गई और भवन निर्माण का कार्य शुरू हुआ। निर्माण की शुरुआत से ग्रामीणों और सेविका में उम्मीद जगी कि अब बच्चों को अपना भवन मिलेगा, लेकिन यह उम्मीद अधूरी ही रह गई। वर्तमान स्थिति यह है कि अधूरा भवन खंडहर की तरह खड़ा है और वहां पशुओं का बसेरा बन गया है। इससे न केवल सरकारी राशि की...