आगरा, जनवरी 29 -- कमला नगर के जनक पार्क में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन आचार्य स्वामी नित्यानंद रसिक महाराज ने श्रीकृष्ण की अलग-अलग लीलाओं का वर्णन किया। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कथा व्यास स्वामी नित्यानंद रसिक ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाती है, यह भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता से समझा जा सकता है। सुदामा के चरित्र से हमें निस्वार्थ मित्रता, कठिन समय में स्वाभिमान, सादगी और बिना मांगे प्रतिफल मिलने की प्रेरणा मिलती है। दरिद्र होने के बावजूद भगवान कृष्ण से उन्होंने कुछ नहीं मांगा, जिससे उनकी निष्काम भक्ति और आत्म-संतोष की सीख मिलती है। इस अवसर पर संध्या गुप्ता, नितिन, प्रतीक, रितु, फागुनी गुप्ता आदि ने पूजन किया।

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