सीतापुर, फरवरी 4 -- खैराबाद, संवाददाता। महात्माओं के सत्संग से विवेक जागृत होता है कि हम कौन हैं, कहां से आये हैं और हमको जाना कहां है? यह मानव मात्र के लिये एक जटिल प्रश्न है। यह बात जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन्त पंकज महाराज ने खैराबाद विकास खंड के अशरफपुर गांव के एक बाग में सत्संग करते हुए कही। पंकज महाराज ने कहा कि जब जीवात्मा को धर्मराज के दरबार में पेश करेंगे तो खोटे-बुरे कर्मों के कारण इस आत्मा को नर्कों व पशु-पक्षियों की योनि में बन्द कर देंगे। कोई बचाने वाला नहीं मिलेगा। जीते जी किसी पूरे गुरु, सन्त सत्गुरु की तलाश करके उनसे कलयुग की सरल साधना का रास्ता लेकर सच्चा भजन कर लें। जिसका रास्ता दोनों आंखों के मध्य भाग में विद्यमान है। इससे पूर्व क्षेत्रीय ग्रामीणों से संत पंकज महराज एवं यात्रा का पुष्पवर्...
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