उन्नाव, जनवरी 9 -- अचलगंज। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के 120 वीं जयंती समापन पर गुरुवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ, जिसमें वाणी पुत्रों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से आजाद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मां सरस्वती व आजाद के चित्र पर दीप प्रज्जवलन के बाद शुरू हुए कार्यक्रम में रायबरेली से पधारे कवि संतोष दीक्षित ने काव्य पाठ में कहा, उस कविता रूपी थाली से दो फूल चढ़ाने आया हूं, जो मेरे लिए भजन जैसे वो गीत सुनाने आया हंू। हे भारत माता के सपूत तुम ही हो मेरे सभी धाम। है तुमको शत शत बार नमन हे क्रांति वीर तुमको प्रणाम।। सुनाकर अजाद को श्रद्धांजलि दी। कवि डॉ. विनय तिवारी ने कर्तव्य निर्वहन की पहचान बन के देखो। चाहत में समर्पण का प्रतिमान बन के देखो। वो जानकी बनेगी वो राधिका बनेगी। तुम राम बन के देखो घनश्याम बन के देखो। सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कार...