बेगुसराय, फरवरी 7 -- सिमरिया धाम, एक संवाददाता। दिनकर पुस्तकालय सिमरिया के बादल भवन में शुक्रवार को बिहार के चर्चित लोकगायक बलराम कुंवर की 100 वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर डिजिटल युग में लोक कला की चुनौतियां व संभावनाएं विषयक विचार गोष्ठी की अध्यक्षता दिनकर पुस्तकालय के वरिष्ठ सदस्य विजय कुमार चौधरी एवं संचालन पत्रकार प्रवीण प्रियदर्शी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संजीव फिरोज ने किया। अतिथियों का स्वागत विश्वंभर सिंह ने किया। वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल पतंग ने कहा कि बलराम कुंवर हमसबों के पुरोधा हैं। आशीर्वाद रंगमंडल के सचिव डॉ. अमित रौशन ने कहा कि आज लोककला से नई पीढ़ी विमुख हो रही है। आज संयुक्त परिवार टूट कर एकल परिवार में बिखर गया है। पत्रकार पुष्कर प्रसाद सिंह ने बलराम कुंवर के मशहूर गीत मोरे सूनी रे मरइया से डर लागे सुनाया। मॉडर्न थियेटर फाउंड...