कोटद्वार, दिसम्बर 13 -- साहित्यिक संस्था साहित्यांचल की ओर से हिंदी के प्रथम डी लिट स्व. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल की 125वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की। गोविंद नगर स्थित संस्था कार्यालय में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर शोध करने वाले डा. गणेशमणि त्रिपाठी ने कहा कि स्व. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल का जन्म एक कर्मकांडी ब्राह्मण के परविार में हुआ था। नौ-दस वर्ष की अवस्था में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था। बचपन से ही हिंदी व संस्कृत में रुचि होने के कारण वे कविताएं लिखने लगे थे। कहा कि ब्रिटिश काल में जब हिंदी महत्वहीन थी, उस समय शोध करना व डी लिट की उपाधि प्राप्त करना उनकी विलक्षण प्र...