भागलपुर, जनवरी 13 -- झाझा, नगर संवाददाता। जमुई जिला परिषद शिक्षा समिति अध्यक्ष धर्मदेव यादव ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून (2009) लागू हुए लगभग 16 वर्ष पूरे होने के बाद भी सरकारी विद्यालयों की सच्चाई है कि प्रायः विद्यालयों में नामांकित बच्चों में से आधे से अधिक बच्चे नियमित स्कूल नहीं आते। एक प्रेस बयान जारी कर उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और उम्र के हिसाब से (दक्षता) पढ़ाई सुनिश्चित करने हेतु लोक भागीदारी बढ़ाने के लिए विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों एवं अध्यक्षों की तीन दिवसीय गैर आवासीय ट्रेनिंग की भी सरकार ने व्यवस्था की। इसमें मीडिया संभाग को अनिवार्य तौर से जोड़ने पर जोर दिया गया था। बच्चों का सातवीं -आठवीं कक्षा के बाद का ड्रॉप आउट का दर भी लगभग 20-25% है। जानकारी साझा करते हुए शिक्षा समिति अध्यक्ष एवं ...
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