भागलपुर, मई 19 -- झाझा, नगर संवाददाता जिले में शिक्षा विभाग की भी अजब गजब कहानी है। झाझा के अत्यंत पिछड़े कभी लाल क्षेत्र के रूप में चिन्हित सुदूर ग्रामीण वन क्षेत्र में अवस्थित करहरा पंचायत के अत्यंत पिछड़े आदिवासी मुस्लिम दलित मंडल नईया अनुसूचित जाति जनजाति बहुल गांव ताराकूरा मंडल टोला के गरीब ग्रामीण इलाके के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निर्मित सरकारी प्राथमिक विद्यालय मात्र दो छोटे-छोटे कमरों में चलाई जा रही हो, और वह भी वर्षों से, तो इसे आप क्या कहेंगे ? क्या हमारे माननीय मुख्यमंत्री डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल की इसे उपलब्धि कहेंगे या फिर सरकारी एवं विभागीय उदासीनता का प्रतिफल, पूछते मिले वहां के गरीब ग्रामीण। यहां के ग्रामीणों की आय के साधन झाझा एवं आसपास के गांवों में जाकर दैनिक मजदूरी करना अथवा दूसरे राज्यों मे...
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