भागलपुर, अगस्त 4 -- चन्द्रमंडीह, नि0स0। चकाई प्रखंड के पेटरपहाड़ी पंचायत अन्तर्गत महेशवरी गांव स्थित अति प्राचीन बबा दुखहरण नाथ मंदिरसैकड़ो वर्ष से शिव भक्तों के लिए आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है। यों तो प्रखंड के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों शिवालय है जहाँ सावन के महीने में प्रतिदिन भक्तों की भीड़ लगती है। लेक़िन *प्रखंड का सबसे पुराना एवं आस्था व विश्वास का प्रतीक है महेशवरी स्थित दुखहरण नाथ धाम। जहाँ सालों भर शिव भक्तों की भीड़ होती है। लग्न के महीनों में प्रति दिन दर्जनों वर वधु की शादियां होती है। और नव दम्पति दुखहरण बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर गृहस्थ जीवन की शुरुआत करते हैं। महेशवरी गांव निवासी वयो वृद्ध कथा वाचक विद्वान पंडित सह ज्योतिषचार्य श्यामसुंदर पांडेय ने महेशवरी स्थित दुःखिया बबा मंदिर की आस्था एवं विश्वास पर प्रकाश ड़ालते...
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