बागपत, अप्रैल 20 -- बागपत शहर की रहमानी मस्जिद के पास आयोजित एक विवाह समारोह में जब तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था, तो मौके पर पहुंचे जमीयत के जिम्मेदारों ने नसीहत देते उसे बंद करवा दिया। जमीयत के लोगों ने उपस्थित जनसमूह को शरीयत के हवाले से समझाते हुए बताया कि मस्जिद के पास इस प्रकार की तेज आवाज और अश्लील गानों का बजाया जाना न केवल इस्लामिक तालीम के खिलाफ है, बल्कि समाज की नैतिकता को भी नुकसान पहुंचाता है। जमीयत के सदस्य हाफिज मुजफ्फर ने बताया कि विवाह समारोह में जैसे ही डीजे की धुनें मस्जिद के पास तक पहुंची, जमीयत के लोग फौरन मौके पर पहुंचे और माइक के जरिए ऐलान कर लोगों को इस्लामी उसूलों से अवगत कराया। उन्होंने न सिर्फ डीजे बंद कराया, बल्कि जमा हुई भीड़ को शरीयत का हवाला देते हुए शादी में फिजूलखर्ची, शराब, जुआ, गुटखा, अश्लीलता और अन्य...
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