गाज़ियाबाद, फरवरी 3 -- गाजियाबाद। नाहल गांव निवासी जलीश ने मसूरी थाने में दी शिकायत में बताया कि दिसंबर 2010 में बाबू ने एक भूखंड शाहिद के नाम बेच दी थी। इसके बाद वर्ष 2021 में वही जमीन जलीश और रईस के पक्ष में बैनामा कर दी गई। आरोप है कि बाबू ने पहली बिक्री की जानकारी छिपाते हुए जानबूझकर उसी जमीन का एक हिस्सा 24 जनवरी 2025 को दोबारा अपनी पत्नी नसीम के नाम फर्जी तरीके से करा दिया। एसीपी मसूरी लिपि नगायच ने बताया कि प्रकरण में सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
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