मुजफ्फरपुर, मार्च 9 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। अहियापुर थाना के शिवराहां चतुर्भुज गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में 31 साल पहले चार मार्च 1994 को मारपीट हो गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुकदमेबाजी शुरू हो गई। एक पक्ष के महेश राय ने दूसरे पक्ष के लिखी राय समेत 12 लोगों के खिलाफ केस किया था। इसमें 11 लोगों के खिलाफ मामला पूर्व में निष्पादित हो गया, लेकिन लिखी राय और महेश राय के बीच मुकदमे बाजी चलती रही। मुकदमे बाजी में दोनों पक्षों ने पांच-पांच लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिए। लंबे समय से सुनवाई के अधीन चल रहे इस मुकदमे पर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी पूर्वी सिद्धार्थ शर्मा की नजर गई। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच सुलह की पहल की। दोनों पक्ष तैयार हो गए और शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में 31 साल के मुकदमेबाजी को खत्म ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.