कुशीनगर, फरवरी 22 -- कुशीनगर। प्रदेश सरकार ने अचल संपत्ति की रजिस्ट्री में आधारकार्ड के बाद अब पैनकार्ड भी अनिवार्य कर दिया है। क्रेता-विक्रेता की हैसियत और टैक्स की चोरी पर नजर रखने के लिए ऐसा किया गया है। ताकि क्रेता-विक्रेता निबंधन विभाग को अंधेरे में रखकर जमीन की रजिस्ट्री न करा पाएं। करीब एक महीने पहले राजस्व विभाग की तरफ से उप निबंधन कार्यालयों की कराई गई जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई थी कि जमीन की रजिस्ट्री में पैनकार्ड अनिवार्य न होने अथवा गलत पैन नंबर्स का उपयोग किए जाने से राजस्व की हानि हो रही थी। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अब राज्य में जमीन, मकान, फ्लैट या किसी भी अचल संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए पैनकार्ड को अनिवार्य कर दिया है। क्रेता और विक्रेता दोनों के लिए यह नियम समान रूप से लागू होगा। अब केवल पैन नंबर देना पर्याप्त नही...