नवादा, नवम्बर 29 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा जिले में इस वर्ष धान की बम्पर पैदावार के बावजूद किसान गहरे संकट का सामना कर रहे हैं। धान कटनी का पीक सीजन चल रहा है, लेकिन खेतों में अत्यधिक नमी अर्थात खेतों की गीली मिट्टी के कारण कटाई की प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर रबी की प्रमुख फसल गेहूं समेत अन्य फसलो की बुआई पर पड़ रहा है, जिससे आगामी फसल चक्र और किसानों की आर्थिक सेहत दोनों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जिले के अधिकांश हिस्सों में धान की फसल पककर तैयार है, लेकिन खेतों की मिट्टी इतनी गीली है कि आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग लगभग असंभव हो गया है। किसान अब बड़े पैमाने पर हार्वेस्टर मशीन का सहारा ले रहे हैं, लेकिन हार्वेस्टर चालक गीली मिट्टी वाले खेतों में मशीन उतारने से इनकार कर रहे हैं। हार्वेस्टर चालकों ...