बागपत, सितम्बर 16 -- पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिनी पाकिस्तान बताने वाले स्वामी रामभद्राचार्य के बयान पर अब कवियत्री अनामिका जैन अंबर खुलकर समर्थन में सामने आई हैं। बड़ौत में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि यह भूमि देवताओं की है, जहाँ धर्म, संस्कृति, सत्कर्म और सभ्यता का हर क्षण साथ रहता है। ऐसे में यदि संस्कृति का क्षरण होगा तो साधु-संत बोलेंगे ही। उन्होंने कहा कि आज के समय में शासन में नीति, नियम और नैतिकता की कमी देखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब धर्म और संस्कृति की रक्षा नहीं होगी तो साधु उठकर आवाज़ देंगे। साथ ही उन्होंने हर घर में धर्म आधारित शिक्षा यानी पाठशालाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन्ना ने सत्ता की लालसा में भारत को विभाजित किया और सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान पहुँचा...
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