कटिहार, फरवरी 9 -- डंडखोरा, संवाद सूत्र प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत डंडखोरा काली स्थान के समीप सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अवसर पर कथावाचक शिवानंद जी महाराज प्रवचन के माध्यम से भगवान की विभिन्न लीलाओं को श्रद्धालुओं को सुनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख नहीं बल्कि ईश्वर से प्रेम और उनकी भक्ति है। भागवत कथा सुनने से मन पवित्र होता है अहंकार का नाश होता है और मनुष्य को शालीनता विनम्रता सादगी प्राप्त होती है। भागवत कथा में 10 लक्षण वर्णन किया गया है। सर्ग, विसर्ग, स्थान, पोषण , ऊति ,मन्वन्तर, इशानुकथा, निरोध, मुक्ति और आश्रय का वर्णन है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ने की प्रक्रिया बताता है। जब तक मनुष्य के अंदर अहंकार का वास होगा तब तक भगवान नहीं पा सकते हैं। अहंकार के हटने के बाद ही हरि का वास होता है...