कोडरमा, फरवरी 7 -- संवाद: जब छात्राओं के लिए शौचालय ही नहीं होंगे तो हम वहां टिकेंगे कैसे झुमरी तिलैया निज प्रतिनिधि जिले के सरकारी विद्यालयों में छात्राओं के लिए बने शौचालय आज भी उपेक्षा के शिकार हैं। कई विद्यालयों में या तो छात्राओं के लिए शौचालय मौजूद नहीं हैं, या फिर उनकी हालत इतनी खराब है कि उपयोग करना जोखिम भरा हो गया है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। फंड की कमी और नियमित देखरेख के अभाव में कई विद्यालयों के शौचालय जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। कहीं दरवाजे टूटे हुए हैं, तो कहीं महीनों से सफाई नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में छात्राएं शौचालय जाने से बचती हैं। छात्र-छात्राओं वाले विद्यालयों में छात्राओं का शौचालय छात्र शौचालय से सटा होने के कारण असहजता और बढ़ जाती है। माहवारी के दिनों म...