नई दिल्ली, जनवरी 20 -- वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का जो रुतबा 1970 और 80 के दशक में था, वैसा 1990 के दशक के बाद नहीं रहा। वेस्टइंडीज की टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता चला गया। टेस्ट रैंकिंग में टीम चौथे स्थान पर आ गई थी। हालांकि, फिर भी टीम का सम्मान था। वेस्टइंडीज की टीम 1998-99 में पहली बार साउथ अफ्रीका के दौरे पर गई। पहले ही मैच में हैंसी क्रोनिए की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीका की टीम ने एकतरफा अंदाज में वेस्टइंडीज को धो डाला। पूरी सीरीज में कैरेबियाई टीम का हाल बेहाल रहा, लेकिन एक वाकये ने उस समय सबको हैरान कर दिया था, जब किसी एक प्लेयर को नहीं, बल्कि पूरी टीम को प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। 7 मैचों की वनडे सीरीज को साउथ अफ्रीका ने 6.1 से जीता और 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में भी कैरेबियाई टीम का सफाया प्रोटियाज टीम ने कर दिया। करीबी नहीं, बल्क...
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