सिद्धार्थ, मार्च 4 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। कस्बे से सटे अगया मार्ग पर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दूरे दिन रविवार की रात कथावाचक राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जन कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। इसे सुनने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। मोक्ष प्राप्ति का भी सरल माध्यम है। कथावाचक ने कहा कि पापी व्यक्ति का अन्न ग्रहण करने से बुद्धि नष्ट हो जाती है। भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेटे हुए पांडवों को ज्ञान दे रहे थे कि राजा होते हुए प्रजा के कष्ट को अपना कष्ट मानना चाहिए। इसी बीच द्रोपदी हंसते हुए कहने लगी कि जिस समय भरी सभा में दुष्ट दुशासन मेरी साड़ी खींच रहा था, उस समय आप सबसे आगे बैठे हुए थे। मैने प्रश्न किया कि पितामह किसी नारी को भरी सभा में निर्वस्त्र करने का प्रयास क्या न्याय विरुद्ध नहीं है तब पितामह ने कहा ...
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