नई दिल्ली, अगस्त 13 -- भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी को हुआ था, इसलिए अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी व्रत किया जाएगा। निर्णय सिंधु, श्रीमद भागवत, धर्म सिंधु, स्कन्द पुराण, भविष्य पुराण सहित अन्य धर्मग्रंथों बताया गया है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि दिन बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में आधी रात को वृषभ राशि के चंद्रमा में हुआ था। इस बार रोहिणी नक्षत्र नहीं मिल रहा है, लेकिन 16 अगस्त को अष्टमी तिथि मिल रही है। इस बाऱ अष्टमी तिथि 15 अगस्त की रात्रि 11.50 से प्रारम्भ होकर 16 अगस्त की रात्रि 9.34 तक रहेगी। अर्थात् 16 की अर्धरात्रि से पूर्व ही समाप्त हो जाएगी और रोहिणी नक्षत्र 17 अगस्त को सुबह 4.38 से शुरु होगा। 15 अगस्त और 16 अगस्त दोनों दिन व रात रोहिणी नक्षत्र नहीं है। अधिकतर जगह कृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जा...
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