नई दिल्ली, अगस्त 13 -- Krishna Janmashtami Timing: श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत सभी के लिए विशेष है। इस बार रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि का संयोग एक साथ नहीं बन रहा है। द्वापर युग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग में मध्य रात्रि के समय भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ था। इसी कारण हर साल इस दिन को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 15 अगस्त को अष्टमी तिथि अल्प समय के लिए रहेगी। जबकि 16 अगस्त को यह सूर्योदय से पूरे दिन रहेगी। उदय कालीन तिथि के महत्व के आधार पर, जन्माष्टमी शनिवार, 16 अगस्त को मनायी जाएगी। इस दिन सुबह वृद्धि योग के बाद ध्रुव योग का संयोग रहेगा। शनिवार की सुबह से रविवार की भोर तक कृतिका नक्षत्र और उसके बाद रोहिणी नक्षत्र होगा।जन्माष्टमी प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.