भागलपुर, दिसम्बर 18 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। अखिल भारतीय शिशु एकेडमी बिहार के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरके सिन्हा ने कहा कि हर एक हजार बच्चों में से औसतन आठ नवजातों में जन्मजात हृदय रोग पाया जाता है। जन्मजात हृदय रोग के कुल मामले में से करीब 10 प्रतिशत नवजातों की मौत पर्याप्त इलाज मिले बिना ही हो जाती है। वहीं 10 से 20 प्रतिशत बच्चों को बड़ी मुश्किल से चिकित्सा सुविधा मिल पाती है। डॉ. सिन्हा, एआईएपी (आल इंडिया एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स) भागलपुर ब्रांच द्वारा शहर के एक होटल में आयोजित 'जन्मजात हृदय रोग की पहचान व निदान' विषयक संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि नवजातों में हृदय रोग की पहचान बहुत ही मुश्किल है, लेकिन अगर शरीर का रंग स्याह हो रहा, सांस अत्यधिक तेज चल रही हो, मां का दूध छोड़-छोड़कर पी रहा हो, माथे प...
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