नोएडा, फरवरी 13 -- ग्रेटर नोएडा। जन्मजात हृदय रोग पर जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया। फोर्टिस अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शांतनु सिंघल ने बताया कि जन्मजात हृदय रोग नवजात अवस्था में पहचाने नहीं जाते, इनके लक्षण बहुत हल्के होते हैं। नियमित इकोकार्डियोग्राफी और नवजात स्क्रीनिंग से इनका शीघ्र निदान संभव है। उत्तर भारत में इस बीमारी का प्रति 1,000 जन्मों पर 8 बच्चों में देखा जाता है। इनमें वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) सबसे आम प्रकार है।
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