शामली, फरवरी 20 -- माहे रमजान के दूसरे रोजे में ब्यान करते हुए मोलाना अयूब मिफ्ताही ने कहा कि खुदा ने अपनी उम्मत के लिए अहम हिदायतें बयान की गई हैं। बताया गया है कि जब नमाज़ फ़र्ज़ हुई तो मुसलमान बैतुल मुक़द्दस की तरफ रुख कर के नमाज़ अदा करते थे। लेकिन नबी मुहम्मद साहब की दिली ख्वाहिश थी कि क़िब्ला बैतुल हराम को बना दिया जाए। अल्लाह ने अपने हबीब की तमन्ना को पूरा फरमाते हुए काबा को क़िब्ला मुक़र्रर कर दिया। इस पर कुछ लोगों ने एतराज़ किया, जिस पर अल्लाह ने वाज़ेह कर दिया कि मशरिक और मग़रिब सब उसी के हैं, और क़िब्ले की तब्दीली इम्तिहान है कि कौन रसूल का सच्चा पैरोक़ार है। अल्लाह ने अपने बंदों को तुम सब्र व नमाज़ से मदद मांगने का हुक्म दिया, क्योंकि बेशक अल्लाह सब्र करने वालों के साथ है। उन्होने बताया कि आगे चलकर हक़ीक़ी नेकी की तशरीह की गई कि असल भलाई सिर्...
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