हापुड़, फरवरी 1 -- बूढ़े बाबा की दूज शुक्रवार को श्रद्धा से मनाई गई। जनपद के गांव वझीलपुर और जनुपुरा में बूढ़े बाबा की दूज का मेला लगा। कस्बों और गांवों में भी बूढ़े बाबा की दूज मनाई गई। बूढे बाबा की दूज पर मेलों का आयोजन होता है जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। दोनों जगह मेलों में जोहड में मुंह तथा हाथपेर धोकर चर्म रोग से मुक्ति की अरदास की जाती है। मान्यता है कि बूढ़े बाबा की दूज पर पूजा करने से चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। इसी आस्था के चलते लोग ग्रामीण क्षेत्र में पोखरों में बूढ़े बाबा की दूज का पूजन करते हैं। आटा व दाल आदि कुम्हार को देकर पोखर से निकाली जाने वाले मिट्टी का तिलक लगवाया जाता है। हापुड़ के गाव वझीलपुर और जनुपुरा में बूढे बाबा की दूज का मेले लगे। जिसमें सभी जाति व धर्म के हजारों लोगों ने बढ चढकर हिस्सा लिया और अपने परिव...
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