लखीमपुरखीरी, नवम्बर 7 -- गुरुवार उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी ने महिलाओं से जुड़ी शिकायतों की जनसुनवाई की। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के कई अफसरों के गायब होने पर उनका पारा चढ़ गया। आयोग सदस्य ने चेतावनी दी है कि सुनवाई को अफसर जिम्मेदारी से लें, वरना उच्चाधिकारियों को पत्र लिखना पड़ेगा। गुरुवार को महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी जनसुनवाई के लिए तय समय पर पहुंच गई। जनसुनवाई के दौरान 39 प्रकरण दर्ज हुए, जिसमें घरेलू हिंसा जमीन विवाद, छेड़छाड़ के प्रकरण शामिल हैं। कई शिकायतें ऐसी मिलीं कि पुलिस ने तहरीर बदलवा दी या छेड़छाड़ की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। ऐसे में महिला आयोग सदस्य ने जब जवाब-तलब के लिए अफसरों का नाम पुकारा तो पता चला कि वे नदारद हैं। इस पर उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि वह संबंध में उच्चाध...
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