रांची, मई 23 -- रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड में दूसरे प्रदेश से आकर बसने वालों की आबादी बढ़ी है। वहीं, आदिवासी समाज की जनसंख्या या तो घटी है या स्थिर है। ऐसे में अगर पांचवीं अनुसूची राज्यों में जनसंख्या को परिसीमन का आधार बनाया जाएगा, तो आरक्षित सीटों की संख्या में कमी आएगी। यह आदिवासी समाज की सुरक्षा और संरक्षण को धूमिल करने वाला होगा। कृषि मंत्री शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित देशभर के कांग्रेस प्रवक्ताओं की कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। देश में जातीय जनगणना का भारत के आदिवासी समाज पर पड़ने वाले प्रभाव, चुनौती और समाधान विषय पर अपनी बात रखते हुए मंत्री ने कहा है कि कांग्रेस को एक बड़ी भूमिका तय करनी है। कांग्रेस जातीय जनगणना के तहत सामाजिक न्याय का संदेश और उद्देश्य लेकर आगे बढ़ना चाहती है...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.