धनबाद, फरवरी 21 -- कोयला राजस्व में झारखंड चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से दिसंबर महीने तक पहले नंबर पर रहा। जनवरी में झारखंड पिछड़ गया है और छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर आ गया। झारखंड स्थित कोयला कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन के कारण झारखंड को मिलने वाले राजस्व में कमी है। अप्रैल से दिसंबर तक कुल कोयला राजस्व का झारखंड को 25 से 27 प्रतिशत मिला। जनवरी में अचानक भारी गिरावट से कुल राजस्व में झारखंड का शेयर 18.57 प्रतिशत पर आ गया। यह झारखंड के लिए चिंताजनक है। वहीं कोयला कंपनियों को भी अपने प्रदर्शन पर मंथन करने की जरूरत है। जनवरी में झारखंड स्थित कोयला कंपनियों के प्रदर्शन पर गौर करें तो डिस्पैच में तीनों कंपनियों का निगेटिव ग्रोथ है। ईसीएल 4.80, बीसीसीएल 10.95 एवं सीसीएल 13.72 प्रतिशत निगेटिव ग्रोथ में है। ईसीएल को जनवरी में 5.43 मिलियन टन डिस्पैच का...