मथुरा, फरवरी 6 -- विश्व विद्यालय, महाविद्यालयों व इंटर मीडिएट कालेजों की दशमोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाल छात्र-छात्राओं को विगत तीन वर्ष के दौरान किन-किन छात्रों को छात्रवृत्ति मिली या नहीं, उनको कोर्स की मान्यता संबंधित बोर्ड या विश्व विद्यालय से थी या नहीं का सत्यापन जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने 25 टीमें बनाकर 50 अधिकारियों को सौंपी हैं। इन टीमों के नोडल अधिकारियों ने एक माह से अधिक समय से अपनी अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की है और न ही संस्थान स्तर पर आवेदन जो लम्बित हैं उनकी जांच रिपोर्ट दी है। अभी तक सिर्फ 50 नोडलअधिकारियों में से 6 अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय राजीव भवन में जमा कराई है। यदि यह रिपोर्ट शीघ्र जमा नहीं हुई तो जिले के छात्रों को छात्रवृत्ति से वंचित हो सकते हैं। डीएम ने बताया कि पूर्वदशम छात्र...