मुजफ्फर नगर, जनवरी 31 -- जनपद का स्वर्ण शिल्प और आभूषण व्यापार इन दिनों अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। कभी चमक-दमक के लिए पहचाने जाने वाला यह बाजार अब सन्नाटे की चपेट में है। आलम यह है कि जनपद के लगभग 40 हजार स्वर्ण कारोबारी और उनसे जुड़े कारीगर आज भुखमरी के कगार पर पहुँच गए हैं। जिला सर्राफा एसोसिएशन के जिला मंत्री स्वराज वर्मा के अनुसार सोने व चांदी में प्रतिदिन चल रहे उतार व चढ़ाव से बाजार में सन्नाटा है। कल सोने के भाव 1 लाख 90 हजार रुपये प्रति दस ग्राम था, जो आज 20 हजार रुपये गिरकर 1 लाख 70 हजार रह गया तथा चांदी गुरुवार को 4 लाख 20 हजार रुपये प्रति किलो थी, जो शुक्रवार को 3 लाख 32 हजार रुपये रह गयी। इस वर्ष सर्राफा कारोबार में 30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रतिदिन अरबों का व्यापार करने वाले जनपद के 40 हजार सर्राफा व्याप...