अररिया, दिसम्बर 28 -- कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि एक जवाना था जब महिलाएं घर या निजी क्लीनिक में हीं बच्चों को जन्म देती थी। लेकिन बदलते समय के साथ बदलती सोच ने महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वास्थ्य केन्द्र में जन्म लेने वाले बच्चे व उनकी मां को खतरा नहीं के बराबर रहता है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं के बीच संस्थागत प्रसव को बढ़वा देकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम हुआ है। लोगों में सरकारी और सुदृढ़ स्वास्थ्य सुविधिाओं के प्रति व्याप्त नकारात्मकता को मात मिली और हर तबके के लोगों का संस्थागत प्रसव पर विश्वास बढ़ा है। आंकड़े पर गौर करें तो पीएचसी सहित सात स्वास्थ्य केन्द्रों पर पिछले तीन वर्षो में 7950 महिलाओं ने बच्चे को जन्म दिया है। हालांकि अभी भी पांच प्रतिशत महिलाएं घर मे...
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