रांची, मई 15 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। प्रदेश कांग्रेस द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि 11 नवंबर 2020 को विशेष सत्र बुलाकर महागठबंधन की सरकार ने सरना धर्म कोड का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। अभी जो जनगणना होने वाली है, उसमें से एक कॉलम को कम कर दिया गया है। पूर्व में जनगणना के कॉलम में सात कॉलम होते थे, अभी उसे घटाकर छह कॉलम रखा गया है। प्रकृति पूजक आदिवासी समुदाय की सालों पुरानी मांग के अनुसार वर्तमान जनगणना में अतिरिक्त कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर 26 मई को राज्यपाल के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मांग सरना कोड जल, जंगल, जमीन से जुड़े समुदाय की पहचान और अस्तित्व की मांग है। सभी धर्म का अपना कोड है। ...
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