कानपुर, जनवरी 2 -- क्षेत्र के गहलों गांव में चल रही रामलीला के क्रम में बुधवार रात में धनुष यज्ञ लीला का मंचन हुआ। इसमें जनक के विलाप को सुनकर दर्शक भावुक हुए। जबकि अजगवकर्षण होते ही भगवान श्री राम के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। इसके बाद हुए लक्ष्मण-परशुराम के विद्वतापूर्ण संवाद को सुनकर दर्शक भाव विभोर हुए। गहलों गांव में भगवान श्री राम व लक्ष्मण की आरती के बाद लीला का श्ुाभारंभ हुआ। इसमें अजगव कर्षण नहीं होने से निराश राजा जनक विलाप करते हैं। उनका विलाप सुनकर दर्शकों की आंखें भी नम हो गईं। वहीं राजा जनक के वीर विहीन मही मैं जानी कहने पर लक्ष्मण के क्रोध व रावण बाणासुर के ओजस्वी संवाद ने दर्शकों को रोमांचित किया। बाद में मुनि विश्वामित्र की आज्ञा पाकरश्री राम अजगव का कर्षण करते हैं। धनुष टूटते ही भगवान श्री राम के जयकारों से पंडाल गूंज उठ...
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