बिजनौर, जून 9 -- जिला महिला चिकित्सालय के मेडिकल कालेज से सम्बद्ध होने का लाभ नजर आना शुरू हो गया। प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती की गई महिला की डिलीवरी के समय जटिल स्थिति पैदा हो गई। प्रिंसिपल डॉ. उर्मिला कार्या के मार्गदर्शन में मेडिकल टीम ने त्वरित ऑपरेशन कर जच्चा और बच्चा दोनों की जान बचा ली। किरतपुर निवासी जितेन्द्र की पत्नी सोनी को महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध जिला महिला अस्पताल में चार दिन पूर्व प्रसव पीड़ा के चलते नॉर्मल डिलीवरी के लिए भर्ती किया गया था। रात्रि करीब 1 बजे प्रसव पीड़ा बढ़ने से मरीज की पानी की थैली फटने के कारण मरीज का कोर्ड प्रोलैप्स हो गया। कोर्ड प्रोलैप्स एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चे की नाल बच्चेदानी से बाहर आ जाती है और नाल के दबने से बच्चे की तरफ रक्त का बहाव कम होने के कारण बच्चे की आकस...