जबलपुर, नवम्बर 23 -- मध्य प्रदेश में प्रदेश की निचली अदालतों में पदस्थ जजों पर हो रही घटनाओं पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सख्त रुख अपनाया। इस पर हाई कोर्ट ने जजों पर हो रहे हमलों को लेकर राज्य सरकार से जबाब मांगा है। अभी तक मिले जबाब से कोर्ट ने असंतोष जताया है और नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि जब जज ही सुरक्षित नहीं तो न्याय व्यवस्था कैसे सुरक्षित मानी जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से लेकर 2025 तक 5 जजो पर धमकी और हमले के 5 मामले हुए हैं जिसमें एक में थाना प्रभारी को निलंबित किया गया और 4 आरोपी जेल पहुंचाए गए हैं। इन 9 सालों में प्रदेश के मंदसोर, ग्वालियर, रीवा, अनूपपुर,और इंदौर में जजों को धमकी मिल चुकी है। कोर्ट ने 4 दिसम्बर को अगली सुनवाई तय की है और राज्य सरकार से जबाब...
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